Meaning of

रुख़्सती

rukhsati • رخصتی

विदाई; अलविदा; प्रस्थान

departure; farewell; leave-taking

رخصتی; الوداع; روانگی

Arabic

तू देख लेना तिरी रुख़्सती के बा'द में हम
लिबास-ए-सोग में घू
मेंगे तेरी गलियों में

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मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे
पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं

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था उसे मालूम मिलना आख़िरी होगा हमारा
रुख़्सती के वक़्त वापस जो निशानी दे रहा है

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सूखने की हद तलक अब आ गए दोनों कुएँ
इस क़दर पानी लगा है रुख़्सती के काम में

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मानना उन्हीं को बस अपना, रुख़्सती के दिन
सब सेे पहले याँ जो भी काँधे चार निकलेंगे

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यार तुझ को ख़ुदा का हवाला न दे
ज़हर दे रुख़्सती का पियाला न दे

क़ब्र मंज़ूर है तेरे दिल में मगर
इस तरह इश्क़ को दिल निकाला न दे

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क़दम इक इक बढ़ाने में सहरस शाम हो जाए
कि मेरी रुख़सती के दिन सड़क भी जाम हो जाए

ज़ियादा कुछ नहीं चाहूँ यहाँ चाहूँ फ़क़त इतना
यहाँ इक रोज़ कुछ आँसू मिरे भी नाम हो जाए

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तू देख लेना तिरी रुख़्सती के बा'द में हम
लिबास-ए-सोग में घू
मेंगे तेरी गलियों में

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मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे
पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं

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'रुख़्सती' विदाई के मार्मिक क्षण को दर्शाता है, जो अक्सर भावनाओं और महत्व से भरा होता है। कविता में, यह विदाई की खट्टी-मीठी भावना को पकड़ता है, जहाँ हृदय छोड़ने के दुख और नई शुरुआत की आशा के बीच बँटा होता है।

कवि 'रुख़्सती' का उपयोग अलगाव और परिवर्तन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमी की विदाई, यात्रा का अंत, या जीवन से मृत्यु की ओर प्रस्थान को दर्शा सकता है। यह पुनर्मिलन के विपरीत, विदाई के भावनात्मक भार को दर्शाता है।

कविता में 'रुख़्सती' विदाई की अनिवार्यता पर एक ध्यान है। यह हमें हर विदाई में गुँथे हुए सौंदर्य और दर्द की याद दिलाता है।