Meaning of

रुख़-ए-अनवर

rukh-e-anwar • رخ انور

उज्ज्वल चेहरा; सुंदरता का प्रतीक; प्रकाश

radiant face; symbol of beauty; light

روشن چہرہ; حسن کی علامت; روشنی

Persian

मता-ए-जाँ रुख़-ए-अनवर तुम्हारा फ़लक के चाँद से ज़्यादा हसीं हैं — Shajar Abbas
इक पल सुकूँ से सो नहीं पाऊँगा रात भर गर चश्म-ए-दिल से वो रुख़-ए-अनवर न जाएगा — Shajar Abbas

'रुख़-ए-अनवर' एक चेहरे की छवि को उजागर करता है जो प्रकाश और सुंदरता से चमक रहा है। कविता में, यह आंतरिक चमक और प्रिय की मोहकता का रूपक बन जाता है, जो दिव्य या सांसारिक सुंदरता के सार को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'रुख़-ए-अनवर' का उपयोग प्रिय की मोहक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं, भौतिक आकर्षण और आध्यात्मिक प्रकाश के बीच समानताएँ खींचते हैं। यह प्रशंसा और लालसा को जागृत करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'रुख़-ए-अनवर' सुंदरता के एक प्रकाशस्तंभ के रूप में चमकता है, दिल की गहरी इच्छाओं के मार्ग को प्रकाशित करता है।