Meaning of

रू-ब-रू

roo-b-roo • رو برو

सामना; आमने-सामने

face to face; in person

سامنے; روبرو

Persian

एक आईना रू-ब-रू है अभी उस की ख़ुश्बू से गुफ़्तुगू है अभी — Ada Jafarey
शिकायतें भी बहुत हैं हिकायतें भी बहुत मज़ा तो जब है कि यारों के रू-ब-रू कहिए — Ali Sardar Jafri
होने दो तसल्ली से अभी ये गुफ़्तगू जाने कब हो ऐसे ज़िन्दगी फिर रू-ब-रू — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
तेरी दो आँखें पढ़ने के लिए जानाँ मुझे आना पड़ेगा रू-ब-रू तेरे — ABhishek Parashar
वैसे तो उस का नाम नहीं हाफ़िज़े में अब मुमकिन है रूबरू जो कभी हो, पुकार दूँ — Bhaskar Shukla
रु-ब-रु ऐसी पास बस्ती है रोते चेहरे उदास बस्ती है — Ananya Rai Parashar
दिलासा दे रही हो ख़ुद को लेकिन हक़ीक़त से तो तुम भी रूबरू हो — Gopesh "Tanha"

'रू-ब-रू' शब्द का भाव उस निकटता और तात्कालिकता को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति किसी के सामने होता है। कविता में, यह अक्सर उन भावनाओं की नग्नता को दर्शाता है जब दो आत्माएँ बिना किसी अवरोध के एक-दूसरे का सामना करती हैं।

मुठभेड़ या रहस्योद्घाटन के क्षणों को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। अक्सर रोमांटिक या आत्मनिरीक्षणात्मक कविता में प्रयुक्त होता है। सीधे मुकाबलों में उभरने वाली असुरक्षा और सत्य को उजागर करता है।

'रू-ब-रू' उन असुरक्षित क्षणों का सार पकड़ता है, जहाँ सत्य और भावना नग्न खड़े होते हैं।