Meaning of

लजा

laja • لجا

संकोच; लज्जा

shyness; modesty

شرم; حیا

Sanskrit

लजा कर शर्म खा कर मुस्कुरा कर दिया बोसा मगर मुँह को बना कर — Unknown
कोई आसाँ नहीं गुलज़ार करना प्यार का गुलशन जिगर के ख़ून से सींचो इसे तब जा के खिलता है — Nityanand Vajpayee
इक लजाते से गुलाबी गुल को मैं ने छू लिया था आप के नाज़ुक लबों से प्यार मुझ को हो गया था — arjun chamoli
यूँँ मेरा नाम सुनते ही लजाकर के सिहर जाना ये हालत है तो फिर समझो उसे मुझ सेे मुहब्बत है — Nityanand Vajpayee
तुम अब तक कसमसाते से हो यूँँ जैसे कि लजवन्ती कोई नज़रों से कमसिन जिस्म को सहला गया था क्या — Nityanand Vajpayee
सुधारस आप के अधरों से थोड़ा सा पिला दो तो मेरे दिल का ये रेगिस्तान भी गुलज़ार हो जाए — Nityanand Vajpayee

लजा एक नाजुक भावना को दर्शाता है, जो संकोच और लज्जा से जुड़ी होती है, अक्सर मासूमियत और पवित्रता के साथ। कविता में, यह प्रेमी के कोमल लज्जा या विनम्र आत्मा की शांत गरिमा को दर्शाता है।

पहले प्रेम के कोमल क्षणों को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। दुल्हन की लज्जा का सार पकड़ता है। साहस या दुस्साहस के विपरीत।

लजा हृदय की शांत फुसफुसाहट है, विनम्रता में सुंदरता की कोमल याद दिलाती है।