Meaning of

लफ्ज़

lafz • لفظ

शब्द; अभिव्यक्ति

word; expression

لفظ; اظہار

Arabic

मुझ को इस लफ़्ज़ का मतलब नहीं मालूम मगर आप की हम्म ने मुझे सोच में डाला हुआ है — Ammar Iqbal
तेरे ख़त आज लतीफ़ों की तरह लगते हैं ख़ूब हँसता हूँ जहाँ लफ़्ज़-ए-वफ़ा आता है — Zubair Ali Tabish
उस वक़्त पढ़ो जब मैं लफ़्ज़ों में नहीं होता उस वक़्त मेरे मानी आसान निकलते हैं — Farhat Ehsaas
दोस्ती लफ़्ज़ ही में दो है दो सिर्फ़ तेरी नहीं चलेगी दोस्त — Zubair Ali Tabish
मैं ने कल शब चाहतों की सब किताबें फाड़ दीं सिर्फ़ इक काग़ज़ पे लिक्खा लफ़्ज़-ए-माँ रहने दिया — Munawwar Rana
पिछले बरस भी बोई थीं लफ़्ज़ों की खेतियाँ अब के बरस भी इस के सिवा कुछ नहीं किया — Iqbal Sajid
दुनिया भर की राम-कहानी किस किस ढंग से कह डाली अपनी कहने जब बैठे तो एक एक लफ़्ज़ पिघलता था — Khalilur Rahman Azmi

'लफ्ज़' भाषा की नींव है, अर्थ और भावना का वाहक। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाता है, कवि की आंतरिक दुनिया और वे जो भावनाएँ व्यक्त करना चाहते हैं, उनका प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर 'लफ्ज़' का उपयोग भाषा की शक्ति और सीमाओं का पता लगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द हो सकता है जो भावनाओं की पूरी दुनिया को समेटे हुए हो या अव्यक्त की याद दिलाता हो। यह शब्द स्वयं काव्यात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक कैनवास बन जाता है।

कवि के हाथों में, 'लफ्ज़' एक शब्द से अधिक बन जाता है; यह आत्मा का द्वार है।