Meaning of

लर्ज़ा

larza • لرزہ

कंपन; थरथराहट; काँपना

tremor; shiver; quiver

لرزش; کپکپاہٹ; کانپنا

Persian

दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए — Iftikhar Arif
मेरी ख़ामोशियों में लर्ज़ां है मेरे नालों की गुम-शुदा आवाज़ — Faiz Ahmad Faiz
सफ़र के वक़्त वो मुझ को सवार करते हुए लरज़ते होंठों से बोली 'शजर' ख़ुदा हाफ़िज़ — Shajar Abbas
ऐ दिल-ए-लर्ज़ां ठहर थोड़ा सुकून-ए-जाँ में आ बीते वक़्तों की मुहब्बत को ज़रा तू याद कर — Aman Alfaaz
इन लरज़ते लबों से क्यूँँ तू ने सुर्ख़ आँखों को फिर छुआ ही नहीं — Amaan Pathan
मेरा उस को जब चूमने का हुआ मन वो लरजा के बोली इजाज़त मुझे है — Prashant Sitapuri

'लर्ज़ा' शारीरिक कंपकंपी का भाव व्यक्त करता है, अक्सर ठंड या डर के कारण। कविता में, यह कमजोरी और ताकत के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, वह क्षण जब दिल भावनाओं से कांपता है।

कवि 'लर्ज़ा' का उपयोग मानव भावनाओं की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के दिल की थरथराहट या किसी महत्वपूर्ण घटना से पहले की प्रत्याशा की कंपकंपी का वर्णन कर सकता है।

'लर्ज़ा' की थरथराहट में, कविता जीवन के कोमल क्षणों की धड़कन पाती है, जहाँ ताकत और कमजोरी साथ-साथ नृत्य करते हैं।