Meaning of

लानत

laanat • لعنت

शाप; निंदा; फटकार

curse; condemnation; reproach

لعنت; مذمت; ملامت

Arabic

तुम्हारा ज़िक्र जब भी आया क़िस्से में
सभी ने हॅंस के बोला, हाए लानत हैं

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तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें
हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर

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जो तेरे साथ रहते हुए सोगवार हो
लानत हो ऐसे शख़्स पे और बेशुमार हो

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इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं
पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर

तुझ को छू कर और किसी की चाह रखे
हैरत है और लानत है ऐसे हाथों पर

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हाकिम को इक चिट्ठी लिक्खो सब के सब
और उस
में बस इतना लिखना लानत है

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गर ये अच्छी क़िस्मत है तो लानत ऐसी क़िस्मत पर
अपने फोन में देख रहे हैं, बाप को बूढ़ा होते हम

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हम ने जिम्मेदारी दी है देश चलाने की
फेल हुए तो उन को लानत भी हम ही देंगे

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हम ने ग़ज़लों में हुक़ूमत को लिखी है 'लानत
धमकियाँ आती हैं, इन'आम तो आने से रहा

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जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है

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बे-वफ़ाई आदत है
बे-हयाई फ़ितरत है

मेरे जैसे आशिक़ हैं
आशिक़ी पे लानत है

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तुम्हारा ज़िक्र जब भी आया क़िस्से में
सभी ने हॅंस के बोला, हाए लानत हैं

7

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तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें
हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर

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अपने मूल अर्थ में, 'लानत' एक तीव्र अस्वीकृति या दुर्भाग्य की कामना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर विश्वासघात या नैतिक आक्रोश की गहरी भावना को दर्शाता है, जो काले बादलों और भारी दिलों की छवियों को उभारता है।

'लानत' का उपयोग कवि गहरी नाराज़गी या निराशा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह संबंधों में दरार या नैतिक विफलता का प्रतीक हो सकता है। अक्सर आशीर्वाद या प्रशंसा के शब्दों के विपरीत होता है।

'लानत' शब्द नैतिक निर्णय का भार वहन करता है, जो दिल के परिदृश्य पर एक छाया डालता है।