Meaning of

विष

vish • وش

जहर; विष

poison; venom

زہر; وش

Sanskrit

मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

174

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

1246

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है

489

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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं
फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

484

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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ
वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है

357

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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना
दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना

253

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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे
अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे

मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी
उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे

206

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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

202

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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी
जैसी दीवारें हैं वैसा साया है

एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था
एक तू है जो जेल में खाना लाया है

192

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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ
उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी

मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

183

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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

174

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

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विष विषाक्तता की अवधारणा को दर्शाता है, दोनों शाब्दिक और रूपक रूप में। कविता में, यह विश्वासघात की कड़वाहट, घृणा की संक्षारक प्रकृति, या अप्राप्त प्रेम की विनाशकारी शक्ति का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'विष' का उपयोग दर्द और विनाश के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अनकहे शब्दों का जहर, टूटे वादे का विष, या टूटे सपने के विषैले अवशेष हो सकता है।

विष वह छाया है जो बनी रहती है, मानव अनुभव के अंधेरे पहलुओं की याद दिलाती है।