Meaning of

शज़र

shazr • شجر

वृक्ष; पेड़

tree; plant

درخت; پودا

Arabic

परिंदे लड़ ही पड़े जाएदाद पर आख़िर
शजर पे लिक्खा हुआ है शजर बराए-फ़रोख़्त

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वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं
इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या

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यूँँ देखिए तो आँधी में बस इक शजर गया
लेकिन न जाने कितने परिंदों का घर गया

जैसे ग़लत पते पे चला आए कोई शख़्स
सुख ऐसे मेरे दर पे रुका और गुज़र गया

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बिछड़ के तुझ सेे न देखा गया किसी का मिलाप
उड़ा दिए हैं परिंदे शजर पे बैठे हुए

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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली
शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया

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इस लिए भी इस शजर से सब को इतना प्यार है
दे रहा है फल अभी ये और सायादार है

ऐ ख़ुदा इस ना-ख़ुदा की ख़ैर हो ये नासमझ
ये समझता है कि इस के हाथ में पतवार है

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एक पत्ता शजर-ए-उम्र से लो और गिरा
लोग कहते हैं मुबारक हो नया साल तुम्हें

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यूँँ न कर वस्ल के लम्हों को हवस से ता'बीर
चंद पत्ते ही तो तोड़े हैं शजर से मैं ने

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जिसे तुम काट आए उस शजर को ढूँढ़ता होगा
परिंदा लौट कर के अपने घर को ढूँढ़ता होगा

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उड़ गए सारे परिंदे मौसमों की चाह में
इंतिज़ार उन का मगर बूढे शजर करते रहे

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परिंदे लड़ ही पड़े जाएदाद पर आख़िर
शजर पे लिक्खा हुआ है शजर बराए-फ़रोख़्त

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वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं
इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या

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'शज़र' मूल रूप से वृक्ष का बोध कराता है, जो जीवन और विकास का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर आश्रय, शक्ति और समय के प्रवाह की छवि प्रस्तुत करता है, क्योंकि पेड़ बदलते मौसमों और उनके नीचे विश्राम करने वालों की कहानियों का साक्षी होता है।

'शज़र' का उपयोग कवि सहनशीलता और प्रकृति के मौन साक्षी के रूप में करते हैं। यह संदर्भ के अनुसार एकांत और समुदाय दोनों का प्रतिनिधित्व कर सकता है। पेड़ स्थिरता और जीवन चक्र का रूपक बनता है।

काव्य के क्षेत्र में, 'शज़र' जीवन की निरंतरता और प्रकृति की मौन शक्ति का प्रमाण है।