Meaning of

शबनम

shabnam • شبنم

ओस; ताज़गी; पवित्रता

dew; freshness; purity

شبنم; تازگی; پاکیزگی

Persian

प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी — Ateeq Allahabadi
उन के रुख़्सार पे ढलके हुए आँसू तौबा मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा — Sahir Ludhianvi
ये शबनमी लहजा है आहिस्ता ग़ज़ल पढ़ना तितली की कहानी है फूलों की ज़बानी है — Bashir Badr
फूल की आँख में शबनम क्यूँँ है सब हमारी ही ख़ता हो जैसे — Bashir Badr
नाम लिख लिख के तिरा फूल बनाने वाला आज फिर शबनमीं आँखों से वरक़ धोता है — Ghulam Mohammad Qasir
प्यास जहाँ की एक बयाबाँ तेरी सख़ावत शबनम है पी के उठा जो बज़्म से तेरी और भी तिश्ना-काम उठा — Ali Sardar Jafri
फ़लक की आँख से भी शबनमी क़तरे टपकते हैं सितारे यूँँ सुनाते हैं हमारी दास्ताँ अक्सर — Dharmesh bashar

अपने मूल अर्थ में, 'शबनम' सुबह की ओस की नाज़ुक और क्षणभंगुर सुंदरता को दर्शाता है। कविता में इस शब्द को पवित्रता और सुंदरता की क्षणभंगुरता के प्रतीक के रूप में अपनाया गया है, जो अक्सर मासूमियत और अनछुए भावनाओं के साथ तुलना करता है।

कवि अक्सर 'शबनम' का उपयोग सुबह और एक नई शुरुआत की ताज़गी की छवियों को उभारने के लिए करते हैं। यह दिन की कठोरता के विपरीत होता है, शांति और स्पष्टता के क्षणभंगुर क्षणों का प्रतीक है।

शबनम क्षणभंगुर सुंदरता और पवित्रता का सार पकड़ता है, जीवन के क्षणभंगुर क्षणों की एक कोमल याद दिलाता है।