Meaning of

शब-ए-फ़िराक़

shab-e-firaq • شب فراق

वियोग की रात; तड़प की रात

night of separation; night of longing

جدائی کی رات; تڑپ کی رات

Persian

गरेबाँ चाक, धुआँ, जाम, हाथ में सिगरेट शब-ए-फ़िराक़, अजब हाल में पड़ा हुआ हूँ — Hashim Raza Jalalpuri
मैं तो शब-ए-फ़िराक़ था तुम एक उम्र थी फिर भी ज़ियादा तुम से गुज़ारा गया मुझे — Vipul Kumar
दावा बहुत बड़ा है रियाज़ी में आप को तूल-ए-शब-ए-फ़िराक़ को तो नाप दीजिए — Akbar Allahabadi
तेरे हसीन तसव्वुर को सामने ला कर शब-ए-फ़िराक़ को बख़्शी है चाँदनी मैं ने — Saba Afghani
ज़िक्र-ए-शब-ए-फ़िराक़ पे कहता था क्या हुआ कल रात उस के साथ भी ये हादसा हुआ — AYUSH SONI
वो आ रहे हैं, वो आते हैं, आ रहे होंगे शब-ए-फ़िराक़ ये कह कर गुज़ार दी हम ने — Faiz Ahmad Faiz
शब-ए-फ़िराक़ में अश'आर आशकार हुए मुझे नहीं है सनम तुझ सेे अब गिला कोई — Amaan Pathan
उसे तो दौलत-ए-दुनिया भी कम भी पाने को मिरी तो ज़ात का मीज़ान भी ज़ियादा नहीं — Vipul Kumar

यह शब्द उस गहरी, भयानक खामोशी को दर्शाता है जो प्रिय से दूर बिताई गई रात में होती है। कविता में, यह तड़प और समय के अंतहीन बीतने की भावना को पकड़ता है।

कवि अक्सर इसका उपयोग वियोग के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी की भावनात्मक उथल-पुथल और शांत पीड़ा का प्रतीक है। यह मिलन की खुशी के विपरीत है।

शब-ए-फ़िराक़ की खामोशी में, दिल अपनी आवाज़ पाता है, प्रेम की मौन पुकारों को गूंजता हुआ।