Meaning of

शाम-ए-विसाल

shaam-e-visaal • جلد

मिलन की शाम; साथ का समय

evening of union; time of togetherness

ملاقات کی شام; ساتھ کا وقت

Persian

सूख जाता जल्द है फिर भी निशानी के लिए फूल इक छुप के किताबों में छिपाना इश्क़ है — Parul Singh "Noor"
तुम आसमाँ की बुलंदी से जल्द लौट आना हमें ज़मीं के मसाइल पे बात करनी है — Shayar Jamali
उदासी देर तक रहती है मेरे पास ख़ुशी को जल्दबाज़ी रहती है जाने की — ABhishek Parashar
पते पर जल्द पहुँचे या कि कुछ ताख़ीर से पहुँचे है कितनी अहमियत ख़त की ये नामाबर नहीं समझा — Dharmesh bashar
मैं बहुत जल्द लौट आऊँगा तुम मिरा इंतिज़ार मत करना — Liaqat Jafri
है दुआ जल्दी जन्नत अता हो तुझे तू मेरे इश्क़ का इश्क़ है ऐ रक़ीब — Prit
जल्द-बाज़ी न करना चमकने में दोस्त रात में कोई सूरज निकलता नहीं — Dharmesh Solanki
कहानी ज़िन्दगी की जल्द ही हो ख़त्म तो अच्छा बहुत लंबी हो कोई दास्तां तो बोझ लगती है — Prashant Sitapuri

यह वाक्यांश मिलन के शांत और कोमल क्षणों को दर्शाता है, अक्सर सांझ की कोमल छाया में। कविता में, यह प्रतीक्षा के अंत और इच्छाओं की मधुर पूर्ति का प्रतीक है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेमियों के लंबे वियोग के बाद अंततः मिलने के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह 'शाम-ए-फ़िराक़' (वियोग की शाम) के अकेलेपन के विपरीत है।

सांझ की कोमल छाया में, 'शाम-ए-विसाल' साथ होने का वादा फुसफुसाती है।