Meaning of

शिर्क

shirk • شرک

मूर्तिपूजा; बहुदेववाद

idolatry; polytheism

بت پرستی; شرک

Arabic

आप भी ईमान की अब तो हिफ़ाज़त कीजिए शिर्क के माहौल में रब की इबादत कीजिए — Danish Balliavi
औलाद से कहूँगा के शिरकत करें सभी बस वो नज़र न आए मिरे इंतिक़ाल में — Nasir Hayaat
इश्क़ भी इक ख़ुदा भी इक शिर्क करता नहीं हूँ मैं — A R Sahil "Aleeg"
बेवफ़ाई जो करती, तो मैं माफ़ करता तुझे शिर्क है शिर्क, रब भी इसे माफ़ करता नहीं — A R Sahil "Aleeg"
मुनाफ़िक और मुशरिक में कहीं अफ़ज़ल नहीं कोई यहाँँ तो शहर हैं लेकिन इधर जंगल नहीं कोई — Afzal Sultanpuri
कभी शिरकत करूँँगा मैं तिरी महफ़िल रिहाई तो मिले इस क़ैद से आख़िर — Vikas Sanwa
इश्क़ भी इक ख़ुदा भी क़िबला भी है इक यहाँ मेरा ग़म मिले या ख़ुशी मुझ को, शिर्क करता नहीं हूँ मैं — A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ गर नाम है ख़ुदा का तो इश्क़ करना भी शिर्क करना है — A R Sahil "Aleeg"

अपने मूल अर्थ में, शिर्क का तात्पर्य दिव्य के साथ साझेदारों को जोड़ने के कार्य से है, जो एकेश्वरवादी परंपराओं में गहराई से निहित है। कविता में, यह अक्सर विश्वासघात का प्रतीक होता है, न केवल धार्मिक संदर्भों में बल्कि व्यक्तिगत संबंधों में भी, जहाँ निष्ठा पर सवाल उठाया जाता है।

कवि शिर्क का उपयोग विश्वास और निष्ठा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह विभाजित निष्ठाओं के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है, चाहे वह प्रेम में हो या विश्वास में। यह शब्द आंतरिक संघर्ष की भावना को जागृत कर सकता है, जहाँ हृदय भक्ति और इच्छा के बीच फटा हुआ होता है।

कविता में शिर्क अपने धार्मिक मूल को पार कर जाता है, एक लेंस बन जाता है जिसके माध्यम से निष्ठा और प्रेम की जटिलताओं की जांच की जाती है।