Meaning of

शीरी

sheerii • شیری

मधुर; सुखद; आनंददायक

sweet; pleasant; delightful

شیریں; خوشگوار; دلکش

Persian

बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए दी जान हम ने चश्मा-ए-आब-ए-हयात पर — Ameer Minai
कुछ तो मिल जाए लब-ए-शीरीं से ज़हर खाने की इजाज़त ही सही — Arzoo Lakhnavi
सभी इन'आम नित पाते हैं ऐ शीरीं-दहन तुझ से कभू तू एक बोसे से हमारा मुँह भी मीठा कर — Jurat Qalandar Bakhsh
ग़ुलामी में न काम आती हैं शमशीरें न तदबीरें जो हो ज़ौक़-ए-यक़ीं पैदा तो कट जाती हैं ज़ंजीरें — Allama Iqbal
बोसा तो उस लब-ए-शीरीं से कहाँ मिलता है गालियाँ भी मिलीं हम को तो मिलीं थोड़ी सी — Nizam Rampuri
यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें — Allama Iqbal
अच्छी खासी दोस्ती थी यार हम दोनों के बीच एक दिन फिर उस ने इज़हारे मुहब्बत कर दिया — Ahmad Fazal Khan
हो गया ख़ामोश मैं भी देख लो आ कर सभी मर गया अल्फ़ाज़ को शीरीं बनाने का हुनर — Hameed Sarwar Bahraichi

'शीरी' शब्द मधुरता और आनंद का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर जीवन की कोमल सुखों से जुड़ा होता है। कविता में, यह भावनाओं, संबंधों, और अनुभवों की मधुरता को मूर्त रूप देता है, जो सामंजस्य और खुशी की तस्वीर पेश करता है।

कवि 'शीरी' का उपयोग प्रेम की मधुरता, प्रकृति की मोहकता, या किसी क्षण के आनंद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह कड़वाहट के विपरीत हो सकता है, जीवन के कोमल सुखों की सुंदरता को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'शीरी' हृदय के शांत कोनों में बनी रहने वाली मधुरता की याद दिलाता है, जीवन के कोमल सुखों का प्रमाण है।