लब को जब भी खोले है वो आ कर तितली बैठे हैकितना शीरीं कितना मीठा लहजा होगा साजन काअपने मीठे हाथों से हर दिन वो पानी देती हैसोचो कितना मीठा होगा जामुन उस की आँगन का— Arman Habib