Meaning of

शौक़

shauq • شوق

इच्छा; जुनून; रुचि

desire; passion; interest

خواہش; جنون; دلچسپی

Arabic

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख — Allama Iqbal
तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं — Jaun Elia
तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का — Khurram Afaq
हम तिरे शौक़ में यूँँ ख़ुद को गँवा बैठे हैं जैसे बच्चे किसी त्यौहार में गुम हो जाएँ — Ahmad Faraz
तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है — Charagh Sharma
शौक़ है इस दिल-ए-दरिंदा को आप के होंठ काट खाने का — Jaun Elia
कोई तो पूछे मोहब्बत के इन फ़रिश्तों से वफ़ा का शौक़ ये बिस्तर पे क्यूँ उतर आया — Harsh saxena
हम हैं शौक़ीन पुरानी ही शराबों के दोस्त हम तो हैं ढलते हुए हुस्न पे मरने वाले — Aks samastipuri
कौन से शौक़ किस हवस का नहीं दिल मेरी जान तेरे बस का नहीं — Jaun Elia

'शौक़' अपनी मूल भावना में उस प्रबल इच्छा या जुनून को पकड़ता है जो किसी को किसी चीज़ की ओर ले जाता है। कविता में, यह अक्सर दिल की बेचैन लालसा, सुंदरता, प्रेम, या ज्ञान के लिए अतृप्त प्यास को दर्शाता है।

कवि 'शौक़' का उपयोग लालसा की तीव्रता, सपनों की खोज, या महत्वाकांक्षा की आग को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मात्र जिज्ञासा के विपरीत है, और एक गहरी, अधिक उपभोग करने वाली भावना पर जोर देता है।

'शौक़' वह ज्वाला है जो दिल की गहरी इच्छाओं को प्रज्वलित करती है, उसे पूर्ति की ओर प्रेरित करती है।