Meaning of

सजदा

sajda • سجدہ

प्रणाम; झुकना

prostration; act of bowing

سجدہ; جھکنا

Arabic

दुनिया कुछ देरी से सजदा करती है जोगी पहले दिन से जोगी होता हैं — Vishal Bagh
हाँ मैं तो लिए फिरता हूँ इक सजदा-ए-बेताब उन से भी तो पूछो वो ख़ुदा हैं कि नहीं हैं — Hafeez Jalandhari
ज़िंदगी फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता को पा सकती नहीं मौत ही आती है ये मंज़िल दिखाने के लिए — Hafeez Jalandhari
रंग बदला यार ने वो प्यार की बातें गईं वो मुलाक़ातें गईं वो चाँदनी रातें गईं — Hafeez Jalandhari
हो मुलाक़ातें मोहब्बत में किसी से मेरा दिल भी यार उलफ़त चाहता है — ABhishek Parashar
अदावतें कोई नहीं भुला सका लग के गले हवा का सज्दा भी किया पर आँधियाँ चलती रहीं — arjun chamoli

सजदा गहरी विनम्रता और भक्ति का एक इशारा है, जो अक्सर आध्यात्मिक समर्पण से जुड़ा होता है। कविता में, यह आत्मा के अंतिम समर्पण का प्रतीक है, एक क्षण जहाँ आत्मा दिव्य या प्रिय के सामने झुकने में सांत्वना पाती है।

कवि 'सजदा' का उपयोग भक्ति, विनम्रता और आत्मा के अतिक्रमण के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर गर्व के विपरीत होता है, समर्पण की सुंदरता को उजागर करता है।

सजदा आत्मा का एक काव्यात्मक नृत्य है, जहाँ विनम्रता दिव्य से एक शाश्वत आलिंगन में मिलती है।