Meaning of

सना

sana • ثنا

प्रशंसा; स्तुति

praise; eulogy

تعریف; مدح

Arabic

इस दौर-ए-सियासत का इतना सा फ़साना है बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है — Unknown
चले भी आओ भुला कर सभी गिले-शिकवे बरसना चाहिए होली के दिन विसाल का रंग — Azhar Iqbal
ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जाएगा वक़्त के साथ ज़माना भी बदल जाएगा — Waseem Barelvi
हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हँसने को ज़माना है — Jigar Moradabadi
सभी के साथ दिखना भी मगर सब सेे जुदा रहना भी है उस को उदासी साथ भी रखनी है और तस्वीर में हँसना भी है उस को — Kafeel Rana
पत्थर के ख़ुदा पत्थर के सनम पत्थर के ही इंसाँ पाए हैं तुम शहर-ए-मोहब्बत कहते हो हम जान बचा कर आए हैं — Sudarshan Fakir
एक वा'दा कर रहा हूँ आप से हर किया वा'दा निभाऊँगा सनम — Divy Kamaldhwaj
इक लफ़्ज़-ए-मोहब्बत का अदना ये फ़साना है सिमटे तो दिल-ए-आशिक़ फैले तो ज़माना है — Jigar Moradabadi

'सना' का मूल अर्थ प्रशंसा करना या गुणों की स्तुति करना है। कविता में यह केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि श्रद्धा और प्रशंसा की भावना को जागृत करता है, जो अक्सर ईश्वर या प्रिय के प्रति होती है। यह शब्द ईमानदारी और गहराई का भार लिए हुए है, साधारण प्रशंसा को भक्ति की कलात्मक अभिव्यक्ति में बदल देता है।

'सना' का उपयोग कवि अक्सर गहरी प्रशंसा या आध्यात्मिक भक्ति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे प्रिय के गुणों की प्रशंसा में प्रयोग किया जा सकता है। यह धार्मिक संदर्भ में भी प्रयोग होता है, जहाँ ईश्वर की स्तुति भावपूर्ण छंदों के माध्यम से की जाती है।

'सना' हृदय से की गई प्रशंसा का सार है, जो इसे एक काव्यात्मक कला रूप में ऊँचा उठाता है। यह शब्दों की शक्ति का प्रमाण है जो उत्कृष्टता को पकड़ता है।