Meaning of

सहर

sehar • سحر

भोर; सुबह; आरंभ

dawn; morning; beginning

صبح; آغاز; سحر

Arabic

तपते सहराओं में सब के सर पे आँचल हो गया उस ने ज़ुल्फ़ें खोल दीं और मसअला हल हो गया — Tehzeeb Hafi
कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी — Faiz Ahmad Faiz
हम पे कर ध्यान अरे चाँद को तकने वाले चाँद के पास तो मोहलत है सहर होने तक — Rehman Faris
हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी — Jaun Elia
शब बसर करनी है, महफ़ूज़ ठिकाना है कोई कोई जंगल है यहाँ पास में ? सहरा है कोई ? — Umair Najmi
सहरा से हो के बाग़ में आया हूँ सैर को हाथों में फूल हैं मेरे पाँव में रेत है — Tehzeeb Hafi
कभी सहर तो कभी शाम ले गया मुझ से तुम्हारा दर्द कई काम ले गया मुझ से — Farhat Abbas Shah

सहर भोर के कोमल आगमन का संकेत देता है, जो नवीनीकरण और आशा का समय है। कविता में, यह नए आरंभ और एक नई शुरुआत के वादे का प्रतीक है।

कवि सहर का उपयोग एक नए दिन की सुंदरता को जागृत करने के लिए करते हैं। यह रात के अंधकार के विपरीत होता है, आशा और नवीनीकरण का प्रतीक है।

सहर एक नई भोर के वादे को समेटे हुए है, जो आशा और अनंत संभावनाओं से भरी है।