Meaning of

सिलन

silan • سلن

नमी; सीलन

dampness; moisture

نمی; سیلن

Unknown

किसी के साथ वो दो पाँव आज चलने लगे हम अपनी आँख के साथ हाथ भी मसलने लगे — Shadab Javed
मैं तुझ को छोड़ दूँ जब तब तो तू मान लेगी अब फूलों को मसलना आदत सी बन गई है — Chhayank Tyagi
उस की यादों की काई पर अब तो ज़िंदगी-भर मुझे फिसलना है — Siraj Faisal Khan
मुझ को कलियों के मसलने का गुमाँ होता है हर घड़ी दाँत से होंठों को दबाया न करो — Dharmesh bashar
मुठ्ठी से रेत को न फिसलने दो पहले आप फिर शौक़ से हुज़ूर बड़े ख़्वाब देखना — Dipanshu Shams
निभाई थी उसी ने इश्क़ की रस्में सलीक़े से हमीं पागल थे हम को ज़ख़्म को सिलना नहीं आया — Krish Gour 'Jazbaat'

'सिलन' एक सूक्ष्म उपस्थिति का एहसास कराता है, जो अक्सर अनदेखी रह जाती है फिर भी सर्वव्यापी होती है। कविता में, यह उन भावनाओं का संकेत देता है जो दिल में रिसती हैं, जैसे दीवारों में नमी, चुपचाप आत्मा के परिदृश्य को बदल देती हैं।

कवि 'सिलन' का उपयोग यादों और भावनाओं की शांत निरंतरता को जागृत करने के लिए करते हैं। यह अक्सर पुरानी यादों और उन अदृश्य शक्तियों से जुड़ा होता है जो हमारी आंतरिक दुनिया को आकार देती हैं। नमी की छवि एक भावनात्मक गहराई का संकेत देती है जो कोमल और गहन दोनों होती है।

'सिलन' की कोमल बाहों में, कवि दिल की छिपी कहानियों की शांत गूंज पाते हैं।