मुझे सुब्ह ज़ख़्मों को सिलना पड़ेगामैं चाहूँ नहीं तो भी खिलना पड़ेगाइसी ख़ौफ़ में रात गुज़री है मेरीअगर सोया तो तुम से मिलना पड़ेगा— Rehaan