Meaning of

सुक़ू

suqoo • سکوں

शांति; सुकून; ठहराव

peace; tranquility; calm

سکون; اطمینان; خاموشی

Arabic

मैं सोचता हूँ जब कभी आओगी सामने किस मुँह से कह सकूँगा मोहब्बत नहीं रही — Shoonya
तुम्हारी मौत का दुख होता तो सहन होता तुम्हारे हिज्र का दुख कैसे सह सकूँगा मैं — ALI ZUHRI
भले ही भूल जाऊँ मैं तुम्हें कभी ऐ मेरी जाँ मगर तेरे ये ज़ख़्मो को भुला नहीं सकूँगा मैं — karan singh rajput
यही है ग़म वो मेरा है मगर मेरा भी नहीं यही तो दुख है उसे छू नहीं सकूँगा कभी — Sarul
अब तो तुम्हें ख़्वाब में देखता हूँ अब तो तुम्हें भी नहीं पा सकूँगा — Subrat Tripathi
गले लग कर तुम्हारे रो सकूँ मैं ये सोचा है, नहीं ये कर सकूँगा — Umesh Maurya

सुक़ू गहरी शांति और ठहराव का प्रतीक है, एक स्थिरता जो आत्मा को घेर लेती है। कविता में, यह क्षणों के बीच की शांत विराम है, अराजकता के बीच शांति की एक सांस।

कवि अक्सर सुक़ू का आह्वान करते हैं ताकि प्रकृति या एकांत में मिलने वाली आंतरिक शांति को चित्रित किया जा सके। यह उथल-पुथल के विपरीत, भावनाओं के तूफान में एक शरण प्रदान करता है।

सुक़ू एक अशांत दुनिया में शांति की फुसफुसाहट है, आत्मा की शांत शक्ति की एक कोमल याद दिलाता है।