
ख़ुश कैसे रह सकूँगा तुझ सेे दूर जा कर माँ
लगता है फस गया हूँ इस शहर में आ कर माँ
लौट आए जो बचपन तेरी गोदी में सो जाऊ
मैं थक गया हूँ ज़िन्दगी की बोझ उठा कर माँ
— Udit Narayan Mishra
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