Meaning of

सुराग़

suraagh • سراغ

संकेत; सुराग़; निशान

clue; trace; hint

اشارہ; سراغ; نشان

Persian

अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन — Allama Iqbal
उसी के हाथ लगेगा सुराग़ हस्ती का जो अपनी ज़ात के ज़िंदाँ से दूर निकलेगा — Dharmesh bashar

‘सुराग़’ एक ऐसा शब्द है जो छिपी हुई चीज़ की उपस्थिति का संकेत देता है, एक ऐसा निशान जो खोज की ओर ले जाता है। यह रहस्य और उद्घाटन के वादे का भाव रखता है।

कविता में, ‘सुराग़’ का उपयोग अक्सर यात्रा या खोज की भावना को जगाने के लिए किया जाता है। यह सत्य, प्रेम, या अर्थ की खोज का प्रतीक है, एक ऐसा मार्ग जो सूक्ष्म संकेतों से चिह्नित होता है।

कविता में ‘सुराग़’ उन अनदेखे रास्तों की याद दिलाता है जिन पर हम चलते हैं। यह अज्ञात की फुसफुसाहट है, जो हमें गहरे समझ की ओर ले जाती है।