Meaning of

हज

haj • حج

तीर्थयात्रा; मक्का की यात्रा

pilgrimage; journey to Mecca

زیارت; مکہ کا سفر

Arabic

जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है — Shabeena Adeeb
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा — Allama Iqbal
मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो — Rahat Indori
हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं — Sahir Ludhianvi
लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुश्बू अज़ान दे जी चाहता है मैं तिरी आवाज़ चूम लूँ — Bashir Badr
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे — Abbas Tabish
हज़ारों मन्नतों पर भी कोई बोसा नहीं मिलता किसी सूरत में उस कंजूस के बटुए नहीं खुलते — Kushal Dauneria
तो क्या ऐसे ही रोना आ गया था नहीं वो याद लहजा आ गया था — Shadab Javed

हज एक पवित्र यात्रा है, जो शारीरिक यात्रा से परे जाकर एक आध्यात्मिक खोज का प्रतीक बनती है। कविता में, यह अक्सर आत्मा की दिव्य सत्य की ओर यात्रा का प्रतीक है, जो भक्ति और आत्मनिरीक्षण से भरी होती है।

कवि 'हज' का उपयोग आध्यात्मिक जागृति और दिव्य संबंध की खोज के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत परिवर्तन या विश्वास के सामूहिक अनुभव का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द सांसारिक यात्राओं के विपरीत पवित्रता को उजागर करता है।

हज विश्वास और यात्रा के गहरे संगम का प्रतीक है। यह हमें अर्थ की खोज में हमारे द्वारा तय किए गए रास्तों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।