Meaning of

हनन

hanan • حنن

दया; कोमलता

compassion; tenderness

رحم; نرمی

Arabic

दशानन के अहम को चूर तो हनुमत ही कर देते
मगर शबरी के घर पे राम का जाना ज़रूरी था

0

Download Image

तारीफ़ दशानन की किए जा रहे हैं जो
किस मुँह से सिया राम के पैरों में झुकेंगे

34

Download Image

हैराँ मैं भी हूँ दोस्त यूँँ बालों में गजरा देख कर
ये फूल आख़िर कब से फूलों को पहनने लग गया

28

Download Image

पहनने को नहीं चप्पल, कड़कती ठंड में, फिर भी
मेरे गांव के बच्चें, घर में अपने जिद नहीं करते

6

Download Image

जो लाए थे तेरे कहने पे हम पहनने को
तुम्हारे बा'द में वो कपड़े भी जला दिए हैं

3

Download Image

उस की जो दी घड़ी पहनना छोड़ा हैं
वक़्त जैसे गुज़रना तो भुल ही गया

2

Download Image

हिफ़ाज़त करने वाले लोग थे वो
हनन जिन का सियासत ने किया है

2

Download Image

ख़ुदा से जंग रहेगी तमाम उम्र मेरी
नमाज़ पढ़नी है टोपी नहीं पहननी मुझे

2

Download Image

छीन लेगी कोई डायन मुझ से माँ कहती मुझे
तुझ को काला रंग थोड़ा कम पहनना चाहिए

1

Download Image

दशानन के अहम को चूर तो हनुमत ही कर देते
मगर शबरी के घर पे राम का जाना ज़रूरी था

0

Download Image

तारीफ़ दशानन की किए जा रहे हैं जो
किस मुँह से सिया राम के पैरों में झुकेंगे

34

Download Image

हनन गहरी दया और कोमलता की भावना को जागृत करता है, जो अक्सर एक कोमल, पोषणकारी उपस्थिति से जुड़ी होती है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर मानवीय संबंधों में पाई जाने वाली गर्मजोशी और देखभाल को समाहित करता है।

कवि अक्सर प्रेम और स्नेह के कोमल पक्ष को व्यक्त करने के लिए हनन का उपयोग करते हैं। यह प्रेमियों के बीच के कोमल क्षणों या माता-पिता और बच्चे के बीच के पोषणकारी बंधन को चित्रित कर सकता है। यह शब्द कठोर भावनाओं के विपरीत, दया की सुंदरता को उजागर करता है।

हनन मानव हृदयों की गर्मजोशी की कोमल याद दिलाता है। यह दया का काव्यात्मक आलिंगन है।