Meaning of

हश्र

hashr • حشر

पुनरुत्थान; जमावड़ा; अराजकता

resurrection; gathering; chaos

قیامت; اجتماع; ہنگامہ

Arabic

वही होगा दुबारा हश्र मेरा वही आँखें दुबारा सामने हैं — Atul K Rai
तुम्हारे बा'द फिर कोई न चाहे बिछड़ना तो मेरा वो हश्र करना — Chandan Sharma
कट गईं वो भी पतंगें जिन के माँझे तेज़ थे तुम भी ज़्यादा उड़ रहे हो हश्र अपना सोच लो — Anmol Mishra
सर उठा सकता नहीं कोई यज़ीदी हश्र तक कर दिया कुछ इतना ख़म बातिल का सर अब्बास ने — Almas Rizvi
वस्ल हो जाए यहीं हश्र में क्या रक्खा है आज की बात को क्यूँँ कल पे उठा रक्खा है — Ameer Minai
इन का उठना नहीं है हश्र से कम घर की दीवार बाप का साया — Unknown
तुम्हारे क़दमों की आहट से ये दिल उछल पड़ता है क्या हश्र होगा जाना जब तुम आ कर गले लगाओगी — Yashvardhan Jain
मुहब्बत से नफ़रत सी होने लगी है किया हश्र ऐसा हमारा किसी ने — jaani Aggarwal taak

'हश्र' अपने मूल अर्थ में पुनरुत्थान की भव्य और विस्मयकारी छवि प्रस्तुत करता है, समय के अंत में आत्माओं का जमावड़ा। कविता ने इस शब्द को न केवल शाब्दिक जमावड़े के लिए बल्कि उन गहन क्षणों के साथ आने वाले भावनात्मक अराजकता और उथल-पुथल को व्यक्त करने के लिए अपनाया है।

'हश्र' का उपयोग कवि अक्सर भावनात्मक उथल-पुथल के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह एक युग के अंत या आत्मा के भीतर की अराजकता का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द शांति के विपरीत है, जीवन के मोड़ के उथल-पुथल भरे स्वभाव को उजागर करता है।

'हश्र' जीवन के अनिवार्य उथल-पुथल का सार प्रस्तुत करता है। यह हमें उस गहन अराजकता की याद दिलाता है जो अक्सर परिवर्तन से पहले होती है।