Meaning of

हूर

hoor • حور

अप्सरा; स्वर्गीय कन्या; सुंदरता

nymph; celestial maiden; beauty

حور; آسمانی دوشیزہ; خوبصورتی

Arabic

नौ नए लड़कों को अब तक खा गई नौ-नौ दफ़ा
ये तुम्हारे शहर में क़ातिल हवा या हूर है

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

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अब न मैं वो हूँ न बाकी हैं ज़माने मेरे
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे

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सितारे और क़िस्मत देख कर घर से निकलते हैं
जो बुज़दिल हैं मुहूरत देख कर घर से निकलते हैं

हमें लेकिन सफ़र की मुश्किलों से डर नहीं लगता
कि हम बच्चों की सूरत देख कर घर से निकलते हैं

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वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को
मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे है बिना उस के

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याद उसे भी एक अधूरा अफ़्साना तो होगा
कल रस्ते में उस ने हम को पहचाना तो होगा

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काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवाना बे-पढ़े-लिखे मशहूर हो गया

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उदासी जैसे कि उस के बदन का हिस्सा है
अधूरा लगता है वो शख़्स अगर उदास न हो

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कई क़िस्से अधूरे रह गए अपनी कहानी में
चले आए हैं बचपन को गँवा के नौजवानी में

हवाएँ जो बग़ावत पर उतर आई हैं आख़िर में
किसी तूफ़ान की दस्तक है मेरी ज़िंदगानी में

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सर पकड़ कर डिग्रियों को देखता है नौजवाँ
मुल्क में इस वक़्त बेकारी बहुत मशहूर है

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नौ नए लड़कों को अब तक खा गई नौ-नौ दफ़ा
ये तुम्हारे शहर में क़ातिल हवा या हूर है

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

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'हूर' शब्द अलौकिक सुंदरता और दिव्य आकर्षण की छवियों को उकेरता है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता के एक आदर्श रूप का प्रतिनिधित्व करता है, जो अप्राप्य और अलौकिक है, प्रशंसा और लालसा दोनों को जागृत करता है।

कवि 'हूर' का उपयोग सुंदरता और इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक अप्राप्य प्रेम या एक आध्यात्मिक आकांक्षा का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर सांसारिक अपूर्णताओं के विपरीत होता है।

'हूर' के आकर्षण में, कवि सुंदरता और पूर्णता की अनंत खोज पाते हैं। यह दिव्य अनुग्रह और मानव लालसा दोनों का प्रतीक है।