Meaning of

हौल

haul • ہول

डर; भय

fear; dread

خوف; ڈر

Arabic

मैं ज़िंदगी के सभी ग़म भुलाए बैठा हूँ तुम्हारे इश्क़ से कितनी मुझे सहूलत है — Zeeshan Sahil
जो न खेली होली 'अमृत' के साथ में हाथों में दीवाली तक गुलाल रहेगा — Amritanshu Sharma
चले भी आओ भुला कर सभी गिले-शिकवे बरसना चाहिए होली के दिन विसाल का रंग — Azhar Iqbal
तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल ये सुहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है — Azhar Faragh
कहीं पड़े न मोहब्बत की मार होली में अदा से प्रेम करो दिल से प्यार होली में — Nazeer Banarasi
आदमी होता है माहौल से अच्छा या बुरा जानवर घर में रखे जाएँ तो इंसान से हैं — Shakeel Azmi

हौल शब्द एक गहरे डर का आभास कराता है, जो केवल क्षणिक भय नहीं है, बल्कि आत्मा पर छाया हुआ एक स्थायी भय है। कविता में, यह अक्सर एक प्रबल भावना का सार पकड़ता है, जो दिल को जकड़ लेता है और एक अमिट छाप छोड़ता है।

कवि 'हौल' का उपयोग उस भय की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो साधारण से परे है। इसे अक्सर मौन के क्षणों के साथ रखा जाता है, जिससे एक तीव्र विरोधाभास उत्पन्न होता है। यह शब्द अज्ञात, छाया में छिपी अदृश्य शक्तियों का प्रतीक भी हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'हौल' मानव भय की गहराइयों की खोज के लिए एक माध्यम बन जाता है। यह हर प्रकाश के साथ आने वाली छायाओं की याद दिलाता है।