Meaning of

ख़ता

khata • غلطیاں

गलती; त्रुटि; दोष

mistake; error; fault

غلطی; خطا; قصور

Arabic

परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है — Shakeel Azmi
मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ काश पूछो कि मुद्दआ' क्या है — Mirza Ghalib
इस तरह करता है हर शख़्स सफ़र अपना ख़त्म ख़ुद को तस्वीर में रखता है चला जाता है — Sandeep kumar
वो मेरा जब न हो सका तो फिर यही सज़ा रहे किसी को प्यार जब करूँँ वो छुप के देखता रहे — Mazhar Imam
जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई? — Umair Najmi
ये गूँगों की महफ़िल है निकलना ही पड़ेगा क्या इतनी ख़ता कम है कि हम बोल पड़े हैं — Waseem Barelvi
घड़ी पर हाथ रख लेता था मैं, जब तू मुझ को देखता था मुस्कुरा के — Siddharth Saaz
ये तो कहिए इस ख़ता की क्या सज़ा मैं जो कह दूँ आप पर मरता हूँ मैं — Dagh Dehlvi
कि जैसे चाँद निकलेगा यहीं से मैं ऐसे एक खिड़की देखता हूँ — Aks samastipuri

अपने मूल अर्थ में, 'ख़ता' गलती या त्रुटि को संदर्भित करता है, जो सही या अपेक्षित से विचलन है। कविता में, यह शब्द अक्सर मानवीय त्रुटि का भार वहन करता है, हमारी अपूर्ण प्रकृति की एक कोमल स्वीकृति।

'ख़ता' का उपयोग कवि अक्सर क्षमा और मोचन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमी की चूक या जीवन की अनिवार्य त्रुटियों के विचार को जागृत कर सकता है। यह शब्द 'गुनाह' के विपरीत है, जो एक अधिक जानबूझकर पाप को दर्शाता है।

कविता में, 'ख़ता' हमारी साझा मानवता का प्रतिबिंब बन जाता है। यह अपूर्णता में सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है।