Meaning of

ज़ियाँ

ziyaan • زیاں

हानि; नुकसान; क्षति

loss; waste; damage

نقصان; زیاں; خسارہ

Arabic

क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे — Muzdum Khan
बिछड़ोगे तब तुम जानोगे क्या होता है यादों का दुख — Kabir Altamash
बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ — Rahat Indori
वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो — Ashraf Ali
आज तस्वीर उस की देखी है आज फिर नींद का ज़ियाँ होगा — Meem Maroof Ashraf
अक़्ल कहती है कि सौदा है ज़ियाँ का और तुझे दिल बे तहाशा चाहता है — Meem Maroof Ashraf
रात भर तुम तो सुकूँ की नींद में सोते रहे पर सुकूँ की धज्जियाँ मैं ने उड़ाईं रात भर — Ravi 'VEER'

ज़ियाँ अनुपस्थिति और खोई हुई चीजों के पीछे छूटे शून्य की बात करता है। यह एक ऐसा शब्द है जो संभावनाओं के बोझ से भरा है, खोए हुए अवसरों की मौन विलाप को प्रतिध्वनित करता है। कविता में, यह लालसा और समय के अनिवार्य प्रवाह का सार प्रस्तुत करता है।

कवि 'ज़ियाँ' का उपयोग हानि के दुख और इसके पीछे छूटे खालीपन को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर पूर्णता के विपरीत रखा जाता है, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करते हुए। यह शब्द एक प्रकार की पुरानी यादों और समय के कड़वे-मीठे प्रवाह की भावना को जागृत करता है।

ज़ियाँ जीवन की अस्थिरता की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह अधूरे सपनों और हमेशा के लिए खोए हुए क्षणों की फुसफुसाहट करता है।