Meaning of

ज़िहानत

zihaanat • ذہانت

बुद्धिमत्ता; चतुराई

intelligence; cleverness

ذہانت; چالاکی

Arabic

अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे — Parveen Shakir
वक़्त बे-वक़्त आता है तुझे खोने का डर इश्क़ की बारिशें अब बे-असर हो चुकी हैं — Himanshu
वक़्त- बे-वक़्त यूँँ ही आया कर दिल है घबराता वादो से मेरा — Abha sethi
श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा — Abid Hashri
ये ज़िहानत हैं मिरी ग़लती नहीं है बिन पसीने ज़िंदगी फलती नहीं है — Vinod Ganeshpure
वक़्त बे-वक़्त बड़ी दूर चला जाता हूँ चंद टूटे हुए ख़्वाबों का सहारा ले कर — Sakib Mazeed

ज़िहानत मन की तीव्रता और दुनिया को स्पष्टता से देखने की क्षमता को दर्शाता है। कविता में, यह केवल बौद्धिक क्षमता नहीं है, बल्कि जीवन की सूक्ष्मताओं को समझने की बुद्धिमत्ता भी है।

कवि अक्सर ज़िहानत का उपयोग सांसारिक ज्ञान और गहरी समझ के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए करते हैं। यह मानव बुद्धि का उत्सव हो सकता है या इसकी सीमाओं की आलोचना।

ज़िहानत मन की संभावनाओं और इसकी काव्यात्मक आकर्षण की याद दिलाता है। यह बुद्धि और ज्ञान के बीच संतुलन पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।