Meaning of

ज़ख़ीरे

zakheere • ذخیرے

खजाने; भंडार; संग्रह

treasures; reserves; stockpiles

خزانے; ذخائر; مجموعے

Arabic

बड़ा ही ख़ुश्क है ये हिज्र-ए-आलम, ज़ख़ीरे दोनों अब कम पड़ रहे हैं यूँँ मुरझाने लगे ख़्वाबों के जंगल, मिरी आँखों से पत्ते झड़ रहे हैं — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
मेरे ज़खीरे में हैं बेशुमार तस्वीरें कमाल ये है कि आँखों में रौशनी ही नहीं — Shiva awasthi
मिट्टी पे नुमूदार हैं पानी के ज़ख़ीरे इन में कोई औरत से ज़ियादा नहीं गहरा — Sarvat Husain

'ज़ख़ीरे' का मूल अर्थ संग्रहीत खजाने या भंडार है। कविता में, यह अक्सर छिपे हुए धन का प्रतीक है, चाहे वह भौतिक हो या भावनात्मक, जो खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहा है।

कवि अक्सर 'ज़ख़ीरे' का उपयोग आंतरिक दुनिया की समृद्धि या किसी व्यक्ति के भीतर अप्रयुक्त क्षमता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह यादों या अनुभवों की प्रचुरता का भी सुझाव दे सकता है।

कविता में, 'ज़ख़ीरे' छिपी गहराइयों और अदृश्य की संपत्ति को प्रकट करता है।