Meaning of

ज़ाती

Zaati • ذاتی

व्यक्तिगत; निजी; व्यक्तिगत

personal; private; individual

ذاتی; نجی; انفرادی

Arabic

इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं
पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर

तुझ को छू कर और किसी की चाह रखे
हैरत है और लानत है ऐसे हाथों पर

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है

मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है
वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

214

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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है
जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है

174

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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात
बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है

121

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अगर तू मुझ सेे शर्माती रहेगी
मुहब्बत हाथ से जाती रहेगी

116

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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है

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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ
तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है

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तेरी तस्वीर हट जाएगी लेकिन
नज़र दीवार पर जाती रहेगी

85

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शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ
कीजे मुझे क़ुबूल मिरी हर कमी के साथ

84

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ये मोहब्बत है ये मर जाने से भी जाती नहीं
तू कोई क़ैदी नहीं है जो रिहा हो जाएगा

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इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं
पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर

तुझ को छू कर और किसी की चाह रखे
हैरत है और लानत है ऐसे हाथों पर

71

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है

मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है
वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

214

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'ज़ाती' व्यक्तिगत क्षेत्र, किसी की पहचान के अंतरंग स्थानों को दर्शाता है। कविता में, यह उन निजी भावनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों में उतरता है जो मानव स्थिति को आकार देते हैं।

कवि अक्सर 'ज़ाती' का अन्वेषण करते हैं ताकि पात्रों की आंतरिक दुनिया को व्यक्त किया जा सके। यह सार्वजनिक मुखौटे के विपरीत होता है, छिपे हुए सत्य को प्रकट करता है।

कविता में 'ज़ाती' आत्म के मौन संवादों का अनावरण करता है, जहाँ व्यक्तिगत सत्य अपनी आवाज़ पाते हैं।