Meaning of

अदम

adam • عدم

अस्तित्वहीनता; शून्यता

non-existence; void

عدم; خلا

Arabic

मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला
भटकने वालों से काफ़ी बेहतर भटक रहा हूँ

41

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है
ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है

ये राह-ए-इश्क़ है इस
में क़दम ऐसे ही उठते हैं
मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

221

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इश्क़ अगर बढ़ता है तो फिर झगड़े भी तो बढ़ते हैं
आमदनी जब बढ़ती है तो ख़र्चे भी तो बढ़ते हैं

माना मंज़िल नहीं मिली है हम को लेकिन रोज़ाना
एक क़दम उस की जानिब हम आगे भी तो बढ़ते हैं

73

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मोहब्बत दो-क़दम पर थक गई थी
मगर ये हिज्र कितना चल रहा है

70

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सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है

49

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तुझे ख़याल नहीं है सो हम बढ़ा रहे हैं
फिर इक दफ़ा तेरी ज़ानिब क़दम बढ़ा रहे हैं

बहुत से आए तुझे जीतने की ख़्वाहिश में
हम एक कोने में बैठे रक़म बढ़ा रहे हैं

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दिया जला के सभी बाम-ओ-दर में रखते हैं
और एक हम हैं इसे रह-गुज़र में रखते हैं

समुंदरों को भी मालूम है हमारा मिज़ाज
कि हम तो पहला क़दम ही भँवर में रखते हैं

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दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे

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ज़माना चाहे जो आज कर ले नहीं रुकेंगे क़दम हमारे
जिस आग से आफ़ताब रौशन वो आग दिल में धधक रही है

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उसी वक़्त अपने क़दम मोड़ लेना
नदी पार से जब इशारा करूँँगा

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मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला
भटकने वालों से काफ़ी बेहतर भटक रहा हूँ

41

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है
ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है

ये राह-ए-इश्क़ है इस
में क़दम ऐसे ही उठते हैं
मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

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यह शब्द अस्तित्व से परे की स्थिति का सुझाव देता है, एक शून्यता जो खाली भी है और संभावनाओं से भरी हुई भी। कविता में, यह अक्सर अंतिम रहस्य या वह स्थान दर्शाता है जहाँ सृजन शुरू होता है।

कवि इसका उपयोग अस्तित्ववाद, अज्ञात, और जीवन और मृत्यु के चक्रीय स्वभाव के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह शून्यता में समर्पण में पाई जाने वाली शांति का भी प्रतीक हो सकता है।

अस्तित्वहीनता की गोद में, कविता अनंत संभावनाएँ पाती है।