Meaning of

अलिफ़

alif • الف

पहला अक्षर; आरंभ

first letter; beginning

پہلا حرف; آغاز

Arabic

मुझ को ख़्वाहिश है उसी शान की दिवाली की
लक्ष्मी देश में उल्फ़त की शब-ओ-रोज़ रहे

देश को प्यार से मेहनत से सँवारें मिल कर
अहल-ए-भारत के दिलों में ये 'कँवल' सोज़ रहे

22

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चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या

उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या

77

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उल्फ़त से दुनिया का बैर पुराना है
फिर भी दीवाने को शे'र सुनाना है

सबका कर्ज अदा कर के लौटा हूँ मैं
बस इक लड़की का बोसा लौटाना है

60

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दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

48

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अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

40

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खूब पहचान लो असरार हूँ मैं
जिंस ए उल्फ़त का तलबगार हूँ मैं

35

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मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुश-बयानी सब
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, मआ'नी सब

मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब

31

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मिरी रौशनी तिरे ख़द्द-ओ-ख़ाल से मुख़्तलिफ़ तो नहीं मगर
तू क़रीब आ तुझे देख लूँ तू वही है या कोई और है

26

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ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए

हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात
इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए

25

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ये यक़ीं है की मेरी उल्फ़त का
होगा उन पर असर कभी न कभी

24

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मुझ को ख़्वाहिश है उसी शान की दिवाली की
लक्ष्मी देश में उल्फ़त की शब-ओ-रोज़ रहे

देश को प्यार से मेहनत से सँवारें मिल कर
अहल-ए-भारत के दिलों में ये 'कँवल' सोज़ रहे

22

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चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या

उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या

77

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'अलिफ़', अरबी वर्णमाला का पहला अक्षर होने के नाते, शुरुआत और विचारों के आरंभ का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर यात्रा की शुरुआत, विचारों के जन्म, या प्रेरणा की प्रारंभिक चिंगारी का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'अलिफ़' का उपयोग शुरुआत की पवित्रता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह नए प्रेम की मासूमियत, समझ की सुबह, या जीवन के नए अध्याय की नई शुरुआत का प्रतीक हो सकता है।

'अलिफ़' नई शुरुआत की भावना को पकड़ता है, आगे की अनंत संभावनाओं की याद दिलाता है।