Meaning of

अर्श

arsh • عرش

सिंहासन; आकाशीय क्षेत्र; स्वर्ग

throne; celestial sphere; heavens

تخت; آسمانی کرہ; آسمان

Arabic

तेरी ज़ुल्फ़ों का क्या बयान करूँँ
तेरी नालैन अर्श पर जानाँ

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वर्षों की सब याद सजा के रक्खी है
घर में बस सामान नहीं है, समझा कर

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देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल

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बे-फ़र्श-ओ-बाम सिलसिला-ए-काएनात के
इस बे-सुतूँ निज़ाम में तू भी है मैं भी हूँ

बे-साल-ओ-सिन ज़मानों में फैले हुए हैं हम
बे-रंग-ओ-नस्ल नाम में तू भी है मैं भी हूँ

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अब कभी मिलना न होगा
आख़िरी दर्शन समझ लो

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यूँँ पतंगों की तरह जो उड़ रहा है तू 'ज़फ़र'
जब गिरेगा फ़र्श पे तब होश आएगा तुझे

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संघर्षों की एक कहानी ये भी है
माँ के आँसू केवल माँ ने देखे हैं

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अर्श में तो कोई भी आँख नहीं
फिर ये बारिश कहाँ से होती है

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तो क्या अब मैं करूँँ जो वर्ष सब यूँँ ही गुज़ारा है
मिले काँधे कि सारे यार का यूँँ ही सहारा है

अरे बेशर्म आवारा यही सुन कर गुज़ारा है
तो चलता हूँ कि मेरे यारों ने यूँँ ही पुकारा है

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'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम
हिज्र के बिना इन
में जान आ नहीं सकती

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तेरी ज़ुल्फ़ों का क्या बयान करूँँ
तेरी नालैन अर्श पर जानाँ

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वर्षों की सब याद सजा के रक्खी है
घर में बस सामान नहीं है, समझा कर

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अर्श स्वर्ग की भव्यता और महिमा को व्यक्त करता है, दिव्य अधिकार और आकाशीय व्यवस्था का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर अंतिम आकांक्षा या सर्वोच्च शक्ति के सिंहासन का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि अर्श का उपयोग पारलौकिकता और दिव्य महिमा के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उपलब्धि की चोटी या महत्वाकांक्षा की अप्राप्य ऊँचाइयों का प्रतीक हो सकता है।

अर्श मानव आत्मा की असीम आकांक्षाओं का प्रमाण है, जो हमेशा दिव्यता की ओर बढ़ता है।