Meaning of

अज़ीयत

aziyat • اذیت

कष्ट; पीड़ा; यातना

suffering; torment; distress

تکلیف; اذیت; رنج

Arabic

उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं
सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं

3

Download Image

दूजों का दुख समझने को बे हद ज़रूरी है
थोड़ी सही प दिल में अज़ीयत बनी रहे

39

Download Image

ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा

38

Download Image

बहुत दिन हो गए महरूम हूँ अज़ीयत से
ख़ुदा के वास्ते आओ मुझे अज़ीयत दो

17

Download Image

अज़िय्यत रहेगी मिले जो कभी हम
मोहब्बत लगी है बिछड़ने के ख़ातिर

12

Download Image

अज़िय्यत हो गया जीना हमारा
ज़रूरी ज़हर है पीना हमारा

हमें वो ज़ख़्म पे अब ज़ख़्म देकर
करेगा छलनी वो सीना हमारा

5

Download Image

अज़िय्यत हमारी हमीं तक रहेगी
भरोसा नहीं है हमें अब किसी पर

4

Download Image

सबकी उम्मीदों को हार के देखो तुम
कितना मुश्किल फिर सांँसों को ढोना है

4

Download Image

देखा है अभी तुम ने तुम ने अभी जाना है
लेकिन ये ज़माने का अंदाज़ पुराना है

क्या कार-ए-अज़ीयत है करना उसे रुख़्सत भी
आँसू भी छुपाने हैं हँसकर भी दिखाना है

इस बज़्म-ए-मोहब्बत में कुछ देर ज़रा ठहरो
किस बात की जल्दी है आख़िर कहाँ जाना है

कुछ और कहा होता तो मान भी जाता दिल
पर तुम ने बनाया जो कॉमन सा बहाना है

4

Download Image

मैं शहर से तेरे निकल कर अपनी बस्ती जाउँगा
मैं जाउँगा मौजूदगी में तेरी जल्दी जाउँगा

मैं जो तुम्हारी हर अज़िय्यत सह के अब तक ज़िंदा हूँ
जिस दिन गले से तुम लगाओगी मैं मर ही जाउँगा

4

Download Image

उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं
सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं

3

Download Image

दूजों का दुख समझने को बे हद ज़रूरी है
थोड़ी सही प दिल में अज़ीयत बनी रहे

39

Download Image

अज़ीयत शब्द गहरे भावनात्मक और शारीरिक कष्ट का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर दिल की मौन चीखों और आत्मा में बसे अनकहे दर्द को व्यक्त करता है। यह शब्द सहनशीलता की परीक्षा और धैर्य की उत्पत्ति का चित्रण करता है।

कवि अक्सर अज़ीयत का उपयोग अप्राप्त प्रेम, अस्तित्वगत निराशा और मानव स्थिति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह क्षणिक खुशियों के विपरीत, दर्द की स्थायित्व को उजागर करता है। यह शब्द लालसा की मधुर-कड़वी प्रकृति का भी प्रतीक हो सकता है।

अज़ीयत मानव आत्मा की सहनशीलता का प्रमाण है, दर्द सहने में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।