Meaning of

अज़्जी़यत

azziziyat • اذیت

यातना; कष्ट

torment; affliction

اذیت; مصیبت

Arabic

उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं
सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं

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दूजों का दुख समझने को बे हद ज़रूरी है
थोड़ी सही प दिल में अज़ीयत बनी रहे

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ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा

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बहुत दिन हो गए महरूम हूँ अज़ीयत से
ख़ुदा के वास्ते आओ मुझे अज़ीयत दो

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अज़िय्यत रहेगी मिले जो कभी हम
मोहब्बत लगी है बिछड़ने के ख़ातिर

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अज़िय्यत हो गया जीना हमारा
ज़रूरी ज़हर है पीना हमारा

हमें वो ज़ख़्म पे अब ज़ख़्म देकर
करेगा छलनी वो सीना हमारा

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अज़िय्यत हमारी हमीं तक रहेगी
भरोसा नहीं है हमें अब किसी पर

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सबकी उम्मीदों को हार के देखो तुम
कितना मुश्किल फिर सांँसों को ढोना है

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देखा है अभी तुम ने तुम ने अभी जाना है
लेकिन ये ज़माने का अंदाज़ पुराना है

क्या कार-ए-अज़ीयत है करना उसे रुख़्सत भी
आँसू भी छुपाने हैं हँसकर भी दिखाना है

इस बज़्म-ए-मोहब्बत में कुछ देर ज़रा ठहरो
किस बात की जल्दी है आख़िर कहाँ जाना है

कुछ और कहा होता तो मान भी जाता दिल
पर तुम ने बनाया जो कॉमन सा बहाना है

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मैं शहर से तेरे निकल कर अपनी बस्ती जाउँगा
मैं जाउँगा मौजूदगी में तेरी जल्दी जाउँगा

मैं जो तुम्हारी हर अज़िय्यत सह के अब तक ज़िंदा हूँ
जिस दिन गले से तुम लगाओगी मैं मर ही जाउँगा

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उन आँखों में ही उम्मीदों के बादल मुस्कुराते हैं
सुलगती धूप से पैरों में जिन के छाले आते हैं

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दूजों का दुख समझने को बे हद ज़रूरी है
थोड़ी सही प दिल में अज़ीयत बनी रहे

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'अज़्ज़ीयत' शब्द गहरे दुख और पीड़ा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर मानव अनुभव के कच्चे, बिना छाने हुए दर्द को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है, सहनशीलता और दृढ़ता के विषयों को छूता है।

कवि 'अज़्ज़ीयत' का उपयोग मानव पीड़ा की गहराइयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो मौन आँसू और अनकहे दुःख की छवियाँ लाता है। यह जीवन की द्वैतता को उजागर करते हुए खुशी के क्षणों के साथ विरोधाभास करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'अज़्ज़ीयत' मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है। यह हमें गहरे दुख से उभरने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।