Meaning of

बे-जान

be-jaan • بے جان

निर्जीव; बेजान; बिना आत्मा के

lifeless; inanimate; without spirit

بے روح; بے جان; بے حس

Persian

अश्क कम हों तो लहू अपनी रवानी लेगा
मैं किसी शे'र को बे-जान न होने दूँगा

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देखा नहीं बहार ने फिर लौट कर कभी
कितने दरख़्त सूख के बे-जान हो गए

मुद्दत से जिस दरख़्त की मैं ने की देखभाल
उस पर समर भी आए तो अग़्यार ले गए

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बे-जान जिस्म मौत की बाँहों में था मगर
कुछ यार लोग यार मेरी साँस बन गए

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मैं समझती थी कि वे जान समझते हैं मुझे
असलियत निकली कि बे-जान समझते हैं मुझे

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है उस के बा'द इस दिल का वो आलम
ये दिल है अब मेरा बे-जान कोई

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धड़कते दिल को भी बे-जान समझा है
हमारे ग़म को भी आसान समझा है

हमेशा तोड़ देती हो न जाने क्यूँँ
हमें क्या खेल का सामान समझा है

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जिसे भय जान का था वो कहीं पीछे खड़ा था
मगर माँ भारती का शे'र वो रण ख़ुद लड़ा था

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ये चंद बे-जान से ही अश'आर हैं मिरे प्यार के ख़ातिर
मिरी ग़ज़ल एक बेवा के आँसुओं में इस तरह डूबी है

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अश्क कम हों तो लहू अपनी रवानी लेगा
मैं किसी शे'र को बे-जान न होने दूँगा

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देखा नहीं बहार ने फिर लौट कर कभी
कितने दरख़्त सूख के बे-जान हो गए

मुद्दत से जिस दरख़्त की मैं ने की देखभाल
उस पर समर भी आए तो अग़्यार ले गए

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मूल रूप से 'बे-जान' का अर्थ है जीवन या आत्मा से रहित। कविता में, यह अक्सर खालीपन या वीरानी की भावना को व्यक्त करता है, ऐसे क्षणों को पकड़ता है जब जीवन ने अपनी जीवंतता या अर्थ खो दिया हो।

'बे-जान' का उपयोग कवि उन दृश्यों का वर्णन करने के लिए करते हैं जो जीवन से रहित हैं, दिल जो ठंडे हो गए हैं, या सपने जो मुरझा गए हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो जीवन शक्ति या जुनून को दर्शाते हैं।

कविता में, 'बे-जान' जीवन की नाजुकता और अपरिहार्य स्थिरता के क्षणों की मार्मिक याद दिलाता है।