Meaning of

चकोर

chakor • چکور

चकोर; चाँद के प्रेम के लिए प्रसिद्ध पक्षी

partridge; a bird known for its love of the moon

چکور; چاند کی محبت کے لیے مشہور پرندہ

Sanskrit

चाँद दिखा तो सब देखने लगे मुड़कर उस को
चकोर यूँँ ही उस के पीछे पागल थोड़ी है

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वो मुझ को देख कर कुछ ऐसे चंचल हो उठी थी
कोई सूखी नदी ज्यूँ जल से अविरल हो उठी थी

चमकते चंद्रमा की चाँदनी में ज्यूँ चकोरी
नहा धो कर के महकी और निर्मल हो उठी थी

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हमेशा इर्द-गिर्द घूमता रहा है चांँद के
नसीब में चकोर के भले ही चांँद था नहीं

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ख़ामोशियाँ ग़ुलाम बनाती हैं शोर को
शब इश्क़ के उसूल सिखाती चकोर को

दिन भर तो मेरे यार मेरे यार थे बहुत
पर शाम को गया जो वो लौटा न भोर को

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चाँद हो तुम चकोर हैं आँखें
हिज्र ये इत्मीनान वाला है

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चाँद दिखा तो सब देखने लगे मुड़कर उस को
चकोर यूँँ ही उस के पीछे पागल थोड़ी है

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वो मुझ को देख कर कुछ ऐसे चंचल हो उठी थी
कोई सूखी नदी ज्यूँ जल से अविरल हो उठी थी

चमकते चंद्रमा की चाँदनी में ज्यूँ चकोरी
नहा धो कर के महकी और निर्मल हो उठी थी

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'चकोर' एक ऐसा पक्षी है जो लोककथाओं में चाँद से प्रेम करता है, जो अप्राप्य प्रेम और लालसा का प्रतीक है। इसकी दृष्टि चाँद पर स्थिर रहती है, यह सौंदर्य और इच्छा की अनंत खोज का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'चकोर' का उपयोग लालसा और अप्राप्य प्रेम के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर चाँद को निहारते हुए चित्रित किया जाता है, जो प्रिय के लिए अनंत लालसा का प्रतीक है।

'चकोर' लालसा की सुंदरता को समेटे हुए है, चाँद की कोमल चमक के नीचे इच्छा का नृत्य।