Meaning of

चराग़-ए-रौशन

charaagh-e-raushan • چراغ روشن

उज्ज्वल दीपक; मार्गदर्शक प्रकाश

bright lamp; guiding light

روشن چراغ; رہنمائی کی روشنی

Persian

कर्बला में चराग़-ए-रौशन है
वरना दुनिया में रौशनी क्या है

कर्बला में बता दिया शह ने
किस को कहते है ज़िंदगी क्या है

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चराग़-ए-रौशनी हो कर दर-ए-दिल तक न पहुँचा हूँ
नज़र में हुस्न की यारो अभी तक भी बुझा सा हूँ

ख़बर करना ज़रा क़ासिद हसीं साँसों की धड़कन को
हवा दामन से गर दे वो महकता मैं उजाला हूँ

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फिर से मुझ
में चराग़ रौशन किया किसी ने यार मोहब्बत का
फिर कोई यादों की आँधी मेरे हिस्से कर के चला गया

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है बस इतनी सी इल्तिजा मौला
तीरगी से रिहा ये जीवन कर

आज त्यौहार रौशनी का है
घर में सब के चराग़ रौशन कर

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हम भी अपने घर के चराग़ रौशन करते
परिंदों को घर देते कि बाग़ रौशन करते

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कर्बला में चराग़-ए-रौशन है
वरना दुनिया में रौशनी क्या है

कर्बला में बता दिया शह ने
किस को कहते है ज़िंदगी क्या है

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चराग़-ए-रौशनी हो कर दर-ए-दिल तक न पहुँचा हूँ
नज़र में हुस्न की यारो अभी तक भी बुझा सा हूँ

ख़बर करना ज़रा क़ासिद हसीं साँसों की धड़कन को
हवा दामन से गर दे वो महकता मैं उजाला हूँ

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मूल रूप में, 'चराग़-ए-रौशन' का अर्थ है एक दीपक जो अंधकार को दूर करता है, प्रकाश और स्पष्टता प्रदान करता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर आशा, मार्गदर्शन और ज्ञान का प्रतीक बन जाता है, अक्सर किसी व्यक्ति या विचार को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है जो भ्रम में स्पष्टता लाता है।

'चराग़-ए-रौशन' का उपयोग कवि निराशा के बीच आशा की छवि उत्पन्न करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर अंधकार के साथ विपरीत रूप में प्रस्तुत किया जाता है ताकि ज्ञान की शक्ति को उजागर किया जा सके। यह एक प्रिय व्यक्ति का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है जिसकी उपस्थिति दुःख को दूर करती है।

कविता के क्षेत्र में, 'चराग़-ए-रौशन' आशा और स्पष्टता का प्रकाशस्तंभ बनकर चमकता है। यह हमें उन कठिन समयों में मार्गदर्शन करने वाले प्रकाश की याद दिलाता है।