Meaning of

छँद

chhand • چھند

छंद; लय; पद्य रूप

meter; rhythm; verse form

چھند; لے; نظم کی شکل

Sanskrit

छंद से याद ही नहीं होती
बहर आज़ाद ही नहीं होती

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तेरी आँखों में एक दरिया है उस दरिया में मुझे बहने दो
तेरे हृदय में एक कुटिया है उस कुटिया में मुझे रहने दो

फिर जाने कितने ही शाइ'र मुझ को सुन कर इतरायेंगे
मेरे गीतों में, मेरे छंदों में, मुझे तेरी ही गाथा कहने दो

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काव्य का नवतंत्र देता जा रहा हूँ
छंद के अभियंत्र देता जा रहा हूँ

फेसबुक पर गालियाँ देते जो मुझ को
मैं उन्हें भी मंत्र देता जा रहा हूँ

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छंद से याद ही नहीं होती
बहर आज़ाद ही नहीं होती

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तेरी आँखों में एक दरिया है उस दरिया में मुझे बहने दो
तेरे हृदय में एक कुटिया है उस कुटिया में मुझे रहने दो

फिर जाने कितने ही शाइ'र मुझ को सुन कर इतरायेंगे
मेरे गीतों में, मेरे छंदों में, मुझे तेरी ही गाथा कहने दो

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मूल रूप में, 'छंद' कविता में संरचित लय या मीटर को संदर्भित करता है। यह कविता की धड़कन है, जो इसे रूप और प्रवाह देता है। समय के साथ, कवियों ने 'छंद' का उपयोग औपचारिकता और स्वतंत्रता के बीच संतुलन को खोजने के लिए किया है, शब्दों के नृत्य को रचते हुए जो पाठक को मंत्रमुग्ध कर देता है।

'छंद' का उपयोग कवि अपनी कविताओं में संगीतात्मक गुण उत्पन्न करने के लिए करते हैं। यह एक ढांचा है जो भावनात्मक प्रभाव को बढ़ाता है। 'छंद' का चयन कविता के मूड को दर्शा सकता है, चाहे वह आनंदमय हो, उदासीन हो, या चिंतनशील हो।

कविता की दुनिया में, 'छंद' मौन वास्तुकार है, जो पद्य की आत्मा को आकार देता है।