काव्य का नवतंत्र देता जा रहा हूँछंद के अभियंत्र देता जा रहा हूँफेसबुक पर गालियाँ देते जो मुझ कोमैं उन्हें भी मंत्र देता जा रहा हूँ— Nityanand Vajpayee