Meaning of

दिलरुबा

dilruba • دلربا

प्रिय; मनमोहक; दिल चुराने वाला

beloved; captivating; heart-stealer

محبوب; دلکش; دل چرانے والا

Persian

अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखना
और नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखना

रोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा पर
शर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना

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लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

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दिलरुबा तुझ से बिछड़ कर सोचता हूँ
यार अब मैं क्या करूँँ इस ज़िंदगी का

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लफ़्ज़ फिर ख़त में वो बिन लिखा रह गया
दिल लिखा हर जगह दिलरुबा रह गया

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इतना प्यारा है तू दिलरुबा बाँटे सब में ख़ुशी ही ख़ुशी
फूल खिलने लगे उस जगह तू जिधर मुस्कुराने लगा

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हर ख़राब चीज़ में भी ठीक चीज़ है
दुनिया भी हसीन है ये दिलरुबा के साथ

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दिलरुबाई का आप क्या लोगे
रहनुमाई का आप क्या लोगे

मेरे पर्दा-नशीन दोस्त कहो
मुँह दिखाई का आप क्या लोगे

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साथ जिस के हो हर पल रवाँ
शख़्स वो ही तो है दिलरुबा

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अब से तुम भी ग़ज़ल कहो प्यारे
ज़िंदगी को अजल कहो प्यारे

उस को बस मेरी दिलरुबा ही नहीं
मेरी मेहनत का फल कहो प्यारे

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तेरी हर अदा है दिलकश तेरा हुस्न दिलरुबा है
तुझे जब से मैं ने देखा मुझे इश्क़ हो गया है

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अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखना
और नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखना

रोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा पर
शर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना

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लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

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'दिलरुबा' शब्द उस व्यक्ति का सार है जो सहजता से दिल को मोह लेता है। कविता में, यह एक प्रिय की मोहकता और आकर्षण को दर्शाता है, जो भावनाओं पर राज करता है और अक्सर आत्मा पर अमिट छाप छोड़ता है।

कवि 'दिलरुबा' का उपयोग एक प्रिय की छवि को उभारने के लिए करते हैं, जिसकी उपस्थिति मंत्रमुग्ध कर देने वाली होती है और जिसकी अनुपस्थिति गहराई से महसूस की जाती है। यह अक्सर लालसा और एकतरफा प्रेम के विषयों के विपरीत होता है।

'दिलरुबा' की बाँहों में, दिल को अपनी खुशी और अपनी पीड़ा दोनों मिलती हैं।