Meaning of

ग़ाइब

ghaaib • غائب

अनुपस्थित; गायब; अदृश्य

absent; missing; unseen

غائب; لاپتہ; نظر نہ آنے والا

Arabic

हम जहाँ थे वहाँ से ग़ाएब हैं
तुम जहाँ थे वहाँ पे हो कि नहीं

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नींद रातों की हमारी भी है ग़ायब
दोस्त हम को भी किसी से है मोहब्बत

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अचानक आ गई वो सामने
अचानक दुनिया गायब हो गई

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समय हाथों से निकला जा रहा है
परिंदा वक़्त का समझा रहा है

मुसाफ़िर की तरह हम सब यहाँ हैं
कोई आया तो कोई जा रहा है

अभी भी वक़्त है यारो सँभलिए
समय अब आईना दिखला रहा है

जहाँ इंसान भी गायब मिलेगा
अभी बस वो ज़माना आ रहा है

जरा सोचो कि ईमाँ जब न होगा
अभी तो आदमी इतरा रहा है

सलीक़े से हमें रहना ही होगा
भले मौसम हमें भटका रहा है

'धरम' अब तो बुराई छोड़ भी दे
जो दानिशमंद है समझा रहा है

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है सब कुछ गाड़ी बँगला नौकर लेकिन
अब रिश्तों में से अपनापन ग़ायब है

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तेरे शहर से मेरा भी नाता है कोई
मुझ सेा यूँँ ही नहीं यहाँ आता है कोई

तेरे बा'द मैं गायब सा हूँ इक मुझ
में ही
मुझ को तेरे सिवा कहाँ भाता है कोई

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मुझे आसान लगता था कभी पैसे कमाना
मगर पैसे इसी ने नींद गायब कर रखी है

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देखो रात ने फिर से शरारत की
बोली सूरज को ग़ायब कर दूँ

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हम जहाँ थे वहाँ से ग़ाएब हैं
तुम जहाँ थे वहाँ पे हो कि नहीं

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नींद रातों की हमारी भी है ग़ायब
दोस्त हम को भी किसी से है मोहब्बत

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'ग़ाइब' शब्द में एक प्रकार की लालसा और रहस्य का भाव है, जो अक्सर अदृश्य या अनुपस्थित से जुड़ा होता है। कविता में, यह किसी ऐसी उपस्थिति को दर्शाता है जो महसूस होती है लेकिन दिखाई नहीं देती, जैसे दिल के कोनों में मंडराती छाया।

कवि 'ग़ाइब' का उपयोग अनुपस्थिति और उपस्थिति के विषयों की खोज के लिए करते हैं, अक्सर खोए हुए प्रेम, भूली हुई यादों, या सपनों की मायावी प्रकृति पर विचार करते हैं। यह दिव्यता या अनंतता का भी प्रतीक हो सकता है, जो अदृश्य है फिर भी गहराई से महसूस होता है।

कविता में, 'ग़ाइब' हमें उन अदृश्य शक्तियों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है जो हमारे जीवन को आकार देती हैं। यह हमें उस सुंदरता की याद दिलाता है जो तुरंत दिखाई नहीं देती।