Meaning of

गुज़री

guzri • گزری

बीता हुआ; गुज़रा हुआ; अतीत

passed; bygone; elapsed

گزرا ہوا; ماضی; بیتا ہوا

Persian

मीर के बा'द ग़ालिब ओ इक़बाल
इक सदा, इक सदी में गुज़री है

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उम्र गुज़री है माँजते ख़ुद को
साफ़ हैं पर चमक नहीं पाए

डाल ने फूल की तरह पाला
ख़ार थे ना महक नहीं पाए

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उम्र गुज़री उस का चेहरा देखते
और जी लेते तो दुनिया देखते

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आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह
हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह

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अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते

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कभी कभी तो ये वहशत भी हम पे गुज़री है
कि दिल के साथ ही देखा है डूबना शब का

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वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था
वो बात उन को बहुत ना-गवार गुज़री है

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ज़िंदगी अपनी जब इस शक्ल से गुज़री 'ग़ालिब'
हम भी क्या याद करेंगे कि ख़ुदा रखते थे

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न गुल खिले हैं, न उन से मिले, न मय पी है
अजीब रंग में अब के बहार गुज़री है

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मिरी ज़िंदगी तो गुज़री तिरे हिज्र के सहारे
मिरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना

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मीर के बा'द ग़ालिब ओ इक़बाल
इक सदा, इक सदी में गुज़री है

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उम्र गुज़री है माँजते ख़ुद को
साफ़ हैं पर चमक नहीं पाए

डाल ने फूल की तरह पाला
ख़ार थे ना महक नहीं पाए

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‘गुज़री’ शब्द समय के बीतने का एहसास कराता है, उन पलों की याद दिलाता है जो अतीत में खो गए हैं। कविता में यह अक्सर एक उदासीन स्वर में होता है, यादों और जीवन के अनिवार्य प्रवाह पर चिंतन करता है।

कवि ‘गुज़री’ का उपयोग नॉस्टेल्जिया और यादों की खट्टी-मीठी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर खोए हुए प्रेम या खुशी की क्षणभंगुरता पर विचार करते हुए छंदों में प्रकट होता है।

‘गुज़री’ की शांत चिंतन में, समय के प्रवाह का कोमल आलिंगन मिलता है।