Meaning of

हक़ीक़त-ए-इश्क़

haqeeqat-e-ishq • حقیقت عشق

प्रेम की वास्तविकता; स्नेह का सार

reality of love; essence of affection

حقیقت عشق; محبت کی اصل

Arabic

हम को भी हो गई है मोहब्बत किसी से फिर
वो इश्क़ आख़िरी भी हमारा नहीं रहा

1

Download Image

हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन'
याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना

56

Download Image

किसी से हुआ ना दोबारा कभी
ना वो इश्क़ ना वो गुज़ारा कभी

7

Download Image

बातें बनाता है किसी फ़नकार की तरह
वो इश्क़ भी करता है व्यापार की तरह

4

Download Image

जान जिस
में न सस्ती हो वो इश्क़ क्या
इश्क़ में ख़ुद-कुशी करना भी इश्क़ है

3

Download Image

कि बज़्म-ए-यार में भी आजकल शामिल नहीं होता
बिना तेरे मिरा ये दिल भी मेरा दिल नहीं होता

समझ जाता अगर वो इश्क़ में कुछ बेबसी मेरी
वो मेरा हम सेफ़र होता मिरा क़ातिल नहीं होता

3

Download Image

खींचती थी हाथ मेरा तुम दुपट्टे की तरह
आज तक वो इश्क़ का मौसम सुहाना याद है

3

Download Image

महरूम ही रहता है वो इश्क़ की लज़्ज़त से
जब तक कि मोहब्बत में रुस्वा नहीं होता है

3

Download Image

सिर्फ़ ख़ुद पसंद से अगर वो इश्क़ कर ले बस
फिर वो बे-वफ़ा चुड़ैल बे-हया हो जाती है

2

Download Image

किनारा कर लिए वो इश्क़ की लत डालकर हम को
कि आदत बन गई हर बे-वफ़ा से आशिक़ी की अब

1

Download Image

हम को भी हो गई है मोहब्बत किसी से फिर
वो इश्क़ आख़िरी भी हमारा नहीं रहा

1

Download Image

हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन'
याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना

56

Download Image

यह वाक्यांश प्रेम की गहरी और अक्सर मायावी प्रकृति में उतरता है। कविता में, यह सतही अभिव्यक्तियों से परे स्नेह की गहराई का अन्वेषण करता है, उन सच्चे सार की खोज करता है जो आत्माओं को बांधता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम की प्रामाणिकता पर सवाल उठाने के लिए करते हैं। यह भावनात्मक संबंधों की शुद्धता और गहराई की जांच के लिए एक लेंस के रूप में कार्य करता है।

प्रेम की सच्चाई की खोज में, यह वाक्यांश आत्मा की गहरी इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।