Meaning of

जान-ए-जांँ

jaan-e-jan • جان جاں

प्रियतमों का प्रिय; जीवन का सार

beloved of beloveds; essence of life

محبوبوں کا محبوب; زندگی کا جوہر

Persian

सफ़र मुझ ऐसे सुख़न-वर का रायगाँ कैसे
ख़राब इश्क़ को कहती हो जान-ए-जाँ, कैसे

तुम उस सेे कह दो मैं महफ़िल में हूँ हसीनों की
उसे ख़बर है मैं होता हूँ कब कहाँ कैसे

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जान-ए-जाँ ने भुला दिया मुझ को
अपने दिल से मिटा दिया मुझ को

मैं तो मिलने गया था उस सेे दोस्त
उस ने क्या क्या सुना दिया मुझ को

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हम ने छोड़ा तो मुड़कर न देखा मगर
आ गए हम तुम्हारी ख़ुशी के लिए

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जान-ए-जाँ एक नज़र शाम के बा'द
मुझ को जाना है मगर शाम के बा'द

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मुहब्बत में कई ऐसे भी सौदे कर गया हूँ मैं
हक़ीक़त जान के जिस की बहुत ही डर गया हूँ मैं

मिला जो भी भरोसा कर लिया उस पे ऐ जान-ए-जाँ
नहीं करना था जो मुझ को वही तो कर गया हूँ मैं

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दूरी से मजबूरी है
मजबूरी से दूरी है

जान-ए-जाँ महसूस करो
मेरा प्यार ज़रूरी है

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ख़ूब-सूरत और भी हैं इस जहाँ में लड़कियाँ
तुम मगर हो जान-ए-जाँ सब लड़कियों से मुख़्तलिफ़

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तेरा सवाल भी है हूबहू तेरे जैसा
तेरे सवाल का भी जान-ए-जाँ जवाब नहीं

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लिख कर तुम्हारा नाम हथेली पे जान-ए-जाँ
'क़ैसर' ने काइनात को हाथों में ले लिया

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मेरी हालत क्या बताऊँ जान-ए-जाँ
डूबती कश्ती कभी देखी है तुम ने

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सफ़र मुझ ऐसे सुख़न-वर का रायगाँ कैसे
ख़राब इश्क़ को कहती हो जान-ए-जाँ, कैसे

तुम उस सेे कह दो मैं महफ़िल में हूँ हसीनों की
उसे ख़बर है मैं होता हूँ कब कहाँ कैसे

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जान-ए-जाँ ने भुला दिया मुझ को
अपने दिल से मिटा दिया मुझ को

मैं तो मिलने गया था उस सेे दोस्त
उस ने क्या क्या सुना दिया मुझ को

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अपने मूल अर्थ में, 'जान-ए-जांँ' उस व्यक्ति की भावना को जगाता है जो सभी से अधिक प्रिय है, जो जीवन का सार है। कविता में, यह शब्द गहरे संबंध और समर्पण को दर्शाता है जो साधारण स्नेह से परे है, और परम प्रेम और लालसा का प्रतीक बन जाता है।

'जान-ए-जांँ' का उपयोग कवि अक्सर अप्रतिम प्रेम की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो प्रियतम को केवल प्रेम नहीं, बल्कि जीवन के अस्तित्व का कारण मानता है। यह वाक्यांश वियोग की पीड़ा को भी जगाता है, क्योंकि प्रियतम को जीवन के लिए आवश्यक माना जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'जान-ए-जांँ' प्रेम की अंतिम भक्ति का एक शाश्वत प्रतीक बन जाता है। यह उस शाश्वत सत्य को फुसफुसाता है कि कुछ बंधन अस्तित्व के ताने-बाने में बुने जाते हैं।