Meaning of

जान-ए-ज़िगर

jaan-e-zigar • جان جگر

दिल का प्रिय; आत्मा का अजीज

beloved of the heart; dear to the soul

دل کا پیارا; روح کا عزیز

Persian

छोड़कर तीर-ए-नज़र जान-ए-जिगर देखो नहीं
देखते हो जिस क़दर तुम उस क़दर देखो नहीं

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सच कहूँ रात में जब नींद न आती थी मुझे
मेरी माँ लोरियाँ गा-गा के सुलाती थी मुझे

ऐ मेरे लख़्त-ए-जिगर जान-ए-जिगर राहत-ए-जाँ
इस तरह दे के सदा पास बुलाती थी मुझे

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नहीं है चाह जिस्मों की न दौलत चाहिए तेरी
मिले दिल में जगह तेरे वहीं दुनिया बसा लूँगा

मुहब्बत ही नहीं तुम सेे मिरी जान-ए-जिगर हो तुम
ज़रा सा सब्र तो कर लो तुम्हें अपना बना लूँगा

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जान-ए-जाँ जान-ए-वफ़ा जान-ए-जिगर जान-ए-हज़ी
जान-ए-मन जान-ए-तमन्ना तेरी आँखों के निसार

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छोड़कर तीर-ए-नज़र जान-ए-जिगर देखो नहीं
देखते हो जिस क़दर तुम उस क़दर देखो नहीं

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सच कहूँ रात में जब नींद न आती थी मुझे
मेरी माँ लोरियाँ गा-गा के सुलाती थी मुझे

ऐ मेरे लख़्त-ए-जिगर जान-ए-जिगर राहत-ए-जाँ
इस तरह दे के सदा पास बुलाती थी मुझे

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'जान-ए-ज़िगर' गहरे स्नेह का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'जिगर की जान', जो किसी प्रिय व्यक्ति के लिए एक रूपक है। कविता में यह प्रेम की तीव्रता और दो आत्माओं के बीच गहरे संबंध को व्यक्त करता है, अक्सर किसी के भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

कवि 'जान-ए-ज़िगर' का प्रयोग किसी प्रिय के प्रति गहरे प्रेम और लगाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर रोमांटिक कविता में प्रिय की महत्ता और भावनात्मक बंधन को उजागर करने के लिए प्रयोग किया जाता है, जो भौतिक उपस्थिति से परे होता है।

'जान-ए-ज़िगर' प्रेम की गहराई का सार है, जहाँ प्रिय व्यक्ति किसी के अस्तित्व का अभिन्न अंग बन जाता है।